कटनी जंक्शन के आउटर बने बदमाशों का अड्डा; RPF–GRP की सुरक्षा व्यवस्था फेल, यात्रियों में दहशत बढ़ी
कटनी। कटनी जंक्शन के आउटर इलाके इन दिनों अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बन गए हैं। यहां आए दिन छीनाछपटी, चोरी और चेनपुलिंग की घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बदमाश न सिर्फ ट्रेनों में यात्रियों का सामान लूट रहे हैं, बल्कि चेन खींचकर ट्रेनों को आउटर पर रोककर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
चेनपुलिंग की बढ़ती घटनाएँ-बदमाशों का नया हथकंडा
कटनी आउटर पर लगातार चेनपुलिंग की घटनाएँ सामने आ रही हैं।
- 20 नवंबर की रात कामायनी एक्सप्रेस (11072), लखनऊ सुपरफास्ट (12539) और दानापुर–सिकंदराबाद सुपरफास्ट (12792) में आउटर पर चेन खींचकर ट्रेनें रोकी गईं।
- 22 नवंबर को सीआरपीएफ जवानों से भरी ट्रेन से मैगजीन चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया।
हालांकि, इन घटनाओं में से किसी को भी जीआरपी में दर्ज नहीं किया गया है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल और गहरा हो जाता है।
सैकड़ों वारदातें पुलिस तक नहीं पहुँचतीं
सूत्रों का कहना है कि आउटर पर चलती ट्रेन में प्रतिदिन होने वाली छिनतई और चोरी की सैकड़ों घटनाएँ दर्ज ही नहीं होतीं।
ज्यादातर यात्री यात्रा बाधित न होने के कारण FIR कराने से बचते हैं।
सीआरपीएफ जवान की मैगजीन चोरी करने वाले आरोपी से जब पूछताछ हुई तो उसके बताए स्थान से कई पर्स, एटीएम कार्ड और अन्य सामग्री बरामद हुई। इससे साफ होता है कि बदमाश वारदात के बाद सामान आउटर की झाड़ियों में फेंक देते थे।
पत्थरबाजी में मासूम घायल-FIR तक दर्ज नहीं
पिछले माह सूबेदारगंज स्पेशल ट्रेन में हुए पत्थरबाजी के दौरान एक खिड़की टूटकर पत्थर सीधे एक मासूम बच्चे के सिर पर लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
- परिवार ने मैहर स्टेशन पर इलाज कराया,
- लेकिन जीआरपी ने FIR दर्ज नहीं की,
- RPF ने केवल रेल ऐक्ट के तहत अज्ञात आरोपी पर मामला दर्ज किया।
सीसीटीवी कैमरे भी बेअसर – 19 में कई खराब, कुछ तोड़ दिए गए
कटनी आउटर पर लगाए गए 19 कैमरों में से
- कई कैमरे खराब,
- कुछ असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिए।
इन कैमरों का उद्देश्य चोरी और लूट की गतिविधियों को रोकना था, लेकिन कैमरों के बंद होने से अपराधियों के हौसले और बढ़ गए हैं।
अधिकारियों का दावा—”सुरक्षा बढ़ाई गई है”
एल.पी. कश्यप, टीआई जीआरपी
“कुछ कैमरे बंद हैं, जिन्हें जल्द ठीक कराया जाएगा। असामाजिक गतिविधि की सूचना मिलते ही गश्त टीम को भेजा जाता है।”
वीरेन्द्र सिंह, निरीक्षक, RPF कटनी
“स्टेशन के सभी आउटर पर अब सशस्त्र बल तैनात कर दिए गए हैं। कैमरों से निगरानी हो रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”